आयों हम चले , मिलकर कुछ करे

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आयों हम चले , मिलकर कुछ करे ,
यह है हमारा जीवन इसको हम स्वसथ्य करे ,
आयों हम चले , मिलकर कुछ करे।
मन में है विशवास , हम सब मिलकर चले ,
इस जग के लिए, जान भी अपनी दे चले ,
आयों हम चले , मिलकर कुछ करे।‌
वातावरण के लिए , हम सब मिलकर कुछ करे ,
लगाए गे बृक्षों को , प्रदूषण को दूर करे ,
आयों हम चले , मिलकर कुछ करे।

बिमारियों को दूर करे , हम सब इनसे लड़े ,
अपने शरीर को , हम सब अब सुध करे ,
आयों हम चले , मिलकर कुछ करे।
हम सब है भाई-भाई , बुराई और ईरशा से दूर रहै ,
एक है हम सब अब , चलो मिल-जुल कर रहे ,
आयों हम चले , मिलकर कुछ करे।

यह है हमारी धरती माता , इसके लिए कुछ करे ,
उन शहीदों को याद कर , हम भी उन जैसे बने ,
आयों हम चले , मिलकर कुछ करे।
रखना है अपने ऊपर विशवास , हमकों करना है खास ,
अपनी धरती माता को , करना है बुराई से साफ़ ,
आयों हम चले , मिलकर कुछ करे।

2 Replies to “आयों हम चले , मिलकर कुछ करे”

  1. kunalkhurana says:

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