एक मुखिया और उसके चेलों की कहानी

बरदान पुर नाम का एक गाँव था।उस गाँव में चोरी बहुत होती थी, लेकिन बहाँ के चोर एक नम्बर के पागल थे।उनको चोरी करना नहीं आता था।ऐसी एक घटना उस गाँव के चार चोरों के साथ हुई।जब वे रात को चोरी करने आए हुए थे।तीन चोर होते है।एक उनका मुखिया होता है।मुखिया का नाम लालू […]

लोगों का तो काम ही है कुछ न कुछ कहना

एक बार की बात है।गड़कपुर नाम का एक गाँव था।वहाँ एक बहुत गरीब परीवार रहता था। उस घर में  दादी,उसका एक बड़ा बेटा,उसकी पत्नी और एक उनका छोटा बेटा रहता था। जो की बहुत खुश रहते थे,वे गरीब जरूर थे, लेकिन उनका मन पानी की तरह साफ थाऐ।एक दिन किया हुआ कि? दोनों बाप और […]

दो भाई और एक भाई बहुत बड़ा लालची

एक बार की बात है।एक छोटा गाँव था और उस गाँव में दो भाई रहते थे। बड़ा भाई समझदार था,लेकिन छोटा भाई बहुत कम समझदार था। रतन पूर गाँव में दोनों भाईओं का घर था।दोनों की शादी भी हो गई थी।दोनों के पास एक-एक खेत था। जिसमें दोनों भाई अलग-अलग खेती करते थे।बड़े भाई का […]

एक किसान के दो बेटे एक लाया मिट्टी और दूसरा लाया उजाला

एक किसान होता है,उसके दो बच्चे होते है।दोनों ही बहुत बुध्दिमान होते हैं। पर वह फिर भी परेशान रहता था,कि आगे चलकर कोई इनका साथ देगा या नहीं। मेरे बाद इन दोनों का क्या होगा?अभी तो बहुत अच्छे है,पर कही आगे चलकर बुरी संगत में न पड़ जाए। उस किसान को अपने दोनों बेटों की […]

फलों का गाँव और एक भालू का कहर

एक बार की बात है।एक छोटा सा गाँव था,और उस गाँव में बहुत सारे फलों के पेड़ थे। वह गाँव फलों के नाम से बहुत ज्यादा मशहूर था।उस गाँव के लोगों को पेड़ों से बहुत लगाव था, इसलिए गाँव के लोगों ने अपने घर के सामने एक छोटा सा बगीचा बना रखा था। उस बगीचे […]

चिड़िया के दुख भरे बोल अपने बच्चों के लिए

एक चिड़ियाँ माँ के बोल जब उसको एक किसान पकड़ लेता है और राजा के पास ले जाता हैं। तो वह कई लोगों से बोलती हैं मुझको इस निर्दय किसान से छूड़बा दो। नहीं तो मेरे बच्चे उस नदीं के पानी में बह जाएगे। उनको बचाने के लिए छूड़बा दो। ये बहुत ही दर्द भरे […]

चंतन बेचारा मूर्ख और चोर ठहरा डरपोक

एक आदमी होता है। जो घर से बाजार जा रहा होता है। वह बहुत ही मूर्ख होता हैं। अब वह घर से थोड़ा ही आगे गया था , कि उसको एक व्यक्ति मिलता है। जिसका नाम कालू होता है। वह अपनी भैसों को घर ला रहा होता है। ‍” तो वह उससे बोलता है , […]

आयों हम चले , मिलकर कुछ करे

आयों हम चले , मिलकर कुछ करे , यह है हमारा जीवन इसको हम स्वसथ्य करे , आयों हम चले , मिलकर कुछ करे। मन में है विशवास , हम सब मिलकर चले , इस जग के लिए, जान भी अपनी दे चले , आयों हम चले , मिलकर कुछ करे।‌ वातावरण के लिए , […]

एक छोटी सी कन्या और माँ का विशवास

एक बार एक व्यक्ति गाँव छोड़ कर शहर जा रहा होता हैं। वह गाँव से इसलिए जा रहा था।  क्योंकि उसको घर वाले डाट देते हैं। तो रास्ते में एक छोटी सी कन्या मिलती हैं। उससे कहती है। ” आप कहाँ जा रहे हो ” वह बोलता है। मैं अपना सब कुछ छोड़ कर यहा […]

एक जुट्ठ होकर हर समस्या का हल होता है।

‌एक राजा था। जिसका नाम वरदान सिंह था।उसने अपना नाम अपने गाँव के नाम पर रख रखा था। वरदान नगर एक बहुत प्यारा गाँव था। बहाँ पर खुब हरयाली थी। चारों तरफ सिर्फ हरा-भरा नज़र आता था। बहाँ के लोग भी बहुत अच्छे थे। बहुत मेहनत करते थे। किसी को निचा नहीं दिखाते थे। सभी […]