लोगों का तो काम ही है कुछ न कुछ कहना

एक बार की बात है।गड़कपुर नाम का एक गाँव था।वहाँ एक बहुत गरीब परीवार रहता था। उस घर में  दादी,उसका एक बड़ा बेटा,उसकी पत्नी और एक उनका छोटा बेटा रहता था। जो की बहुत खुश रहते थे,वे गरीब जरूर थे, लेकिन उनका मन पानी की तरह साफ थाऐ।एक दिन किया हुआ कि? दोनों बाप और […]

चंतन बेचारा मूर्ख और चोर ठहरा डरपोक

एक आदमी होता है। जो घर से बाजार जा रहा होता है। वह बहुत ही मूर्ख होता हैं। अब वह घर से थोड़ा ही आगे गया था , कि उसको एक व्यक्ति मिलता है। जिसका नाम कालू होता है। वह अपनी भैसों को घर ला रहा होता है। ‍” तो वह उससे बोलता है , […]

तिरलोक ने किया विचार का अचार

एक छोटा सा गाँव था। उस गाँव में बहुत गरीबी थी। बहाँ के लोग बहुत ही गरीब और बहुत ज्यादा बेबकूफ थे। पर कुछ लोग समझदार भी थे।यदि कोई व्यक्ति उनसे कुछ पूछे तो। सब कुछ तुरन्त बता देते थे। अनजान व्यक्ति को भी बहाँ के लोग अपनी जानकारी तुरन्त दे देते थे। फिर कोई […]